उद्गम वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा “राग, रंग, रूप” सांस्कृतिक कार्यक्रम का हुआ भव्य आयोजन


लखनऊ। शहर में भारतीय संस्कृति की समृद्ध धरोहर, संगीत और कला का एक अद्भुत संगम देखने को मिला जब उद्गम वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा आयोजित वार्षिक सांस्कृतिक समारोह “राग, रंग, रूप 2025” का भव्य आयोजन नक्षत्र बैंक्वेट हाल एंड होटल, हनीमैन चौराहा, लखनऊ में किया गया।

यह आयोजन केवल एक प्रतियोगिता नहीं बल्कि भारतीय परंपराओं, सभ्यता और सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने का एक सशक्त माध्यम है। इस वर्ष की विशेष थीम – “पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक छटा”
इस वर्ष का आयोजन पश्चिम बंगाल की समृद्ध संस्कृति, साहित्यिक धरोहर, पारंपरिक वेशभूषा और संगीत को समर्पित रहा। इस अवसर पर रैंप वॉक, गीत, नृत्य और लोककलाओं की शानदार प्रस्तुतियों के माध्यम से बंगाल की सांस्कृतिक झलक मंच पर जीवंत हुई।

सभी प्रतिभागी पश्चिम बंगाल की पारंपरिक वेशभूषा में अपनी प्रस्तुति दी।
पश्चिम बंगाल के इतिहास, संस्कृति और परंपराओं से जुड़े प्रश्नों के उत्तर में प्रतिभागियों ने भाग लिया। स्थानीय प्रतिभाओं द्वारा बंगाल की लोकधुनों और पारंपरिक गीतों पर अद्भुत प्रस्तुतियां दी गई।
निर्णायक मंडल द्वारा राग रंग रूप विजेता, प्रथम उपविजेता और द्वितीय उपविजेता का चयन किया गया। जिसमें प्रथम रनरअप नंदिता सिंह
द्वितीय रनरअप नेहनीता शशिकांत
विनर विजेता अर्चना सिंह रही।
साथ ही छह विशेष उपाधियां आयोजकों द्वारा प्रदान की गई।

“राग, रंग, रूप केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति की जड़ों को सींचने का अवसर रहा।
इसके अतिरिक्त सदस्यों ने आयोजन स्थल पर अपने अपने स्टॉल भी लगाए।
जिसमें कार्यक्रम के दौरान मंच से उनके उत्पादों का परिचय दर्शकों को दिया गया और अधिक लोगों तक उनका प्रचार-प्रसार किया गया
संस्थापक रूपाली श्रीवास्तव ने बताया –
“राग, रंग, रूप सिर्फ एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह कला और संगीत प्रेमियों का एक महोत्सव है। यहां हर कलाकार अपनी भावनाओं, रंगों और सुरों के माध्यम से नई पहचान बनाता है। उन्होंने बताया कि हमारा उद्देश्य नई प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना और भारतीय संस्कृति के गौरव को बढ़ाना है।
नई प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना और उन्हें पहचान दिलाना।
भारतीय कला और संस्कृति के महत्व को समाज में सशक्त बनाना।
हमारी सभ्यता और परंपराओं की जड़ों को पुनः सजीव करना।
आयोजन समिति ने सभी कला प्रेमियों, नागरिकों और विशिष्ट अतिथियों ने इस भव्य समारोह में शामिल होकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किय और भारतीय संस्कृति के इस सुंदर उत्सव को सफल बनाया।



